Railway

भारतीय रेलवेज (Indian Railways), एशिया के सबसे बड़े रेलवे नेटवर्क (Railway Network) के रूप में जाना जाता है। यह विश्व का सबसे बड़ा नियोक्ता है, जिसमें 16 लाख से भी अधिक कर्मचारी हैं। यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा नेटवर्क है जो एक ही मैनेजमेंट के अंतर्गत चलाया जा रहा है। यह न केवल देश की मूल संरचनात्‍मक आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है अपितु बिखरे हुए क्षेत्रों को एक साथ जोड़ने में और देश की राष्‍ट्रीय अखंडता का भी संवर्धन करता है। राष्‍ट्रीय आपात स्थिति के दौरान आपदाग्रस्त क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने में भारतीय रेलवे अग्रणी रहा है।

भारत का रेल नेटवर्क 65,000 किलोमीटर लंबा है, जिसे भारतीय रेलवे संचालित करता है, जो सरकार के अधीन है। 2013 में भारतीय रेलवे ने करीब 8 अरब यात्रियों को सेवाएं दी हैं, जो दुनिया में सबसे अधिक है। वहीं दूसरी ओर माल ढुलाई के मामले में भारत करीब 1.01 मिलियन टन के साथ दुनिया में चौथे स्थान पर है। भारतीय रेल नेटवर्क 17 जोन में बंटा हुआ ह, जिनके तहत रोजना करीब 19,000 ट्रेन चलती हैं। वहीं अगर यार्ड (Yard) साइडिंग्स (Sidings) वगैरह सब जोड़ दिए जाएं तो यही लंबाई 1 लाख 11  हजार किलोमीटर से भी ज्यादा हो जाती है।

भारतीय रेल का स्वर्णिम इतिहास  (History of Indian Railways in Hindi)

1843: लार्ड  डलहौजी(Lord Dalhousie) ने रेलवे संचार(Railway communication) के साधन(Resource) के द्वारा भारत को जोड़ने की संभावना की कल्पना की। यह कल्पना भारत में फैली हुई असीम प्राकृतिक संसाधनों(Natural Resources) का दोहन(Tapping) कर ब्रिटेन को समृद्ध(Enriched) करने के लिए थी | अनाज, बहुमूल्य  लकड़ियां, मसाले, फल, कोयला, लोहा जैसे तमाम बहुमूल्य वस्तुओं के ब्रिटिश निर्यात पर जबरदस्त उछाल आया |

1844: रेलवे(Railway) के निर्माण(Construction) के लिए पहला प्रस्ताव (First Proposal) पास किया गया।

1847: लार्ड डलहौजी भारत का गवर्नर जनरल(Governor General) नियुक्त(Appoint)  किया।

1849: क्रमश: कोलकाता और मुंबई में EIR और GIPR (Great indian peninsula railway) द्वारा प्रयोगात्मक(Experimental) (पायलट प्रोजेक्ट) लाइन की स्थापना के लिए समझौते किए गए । ब्रिटैन को निर्यात की दिशा में बंदरगाह वाले शहर कलकत्ता और बम्बई से शुरुआत किया गया |

1850: हर जगह के अलग अलग “गेज की लड़ाई” के बाद सर्वसम्मति से 5’6″ के मानक गेज को अपनाया गया।

1851-52: सबसे पहला स्टीम लोकोमोटिव (Locomotive) भाप इंजन(Steam engine) “थॉमसन” (जनरल गेज 4′ 8.1/2″) और ब्रॉड गेज का “लार्ड फ़ॉकलैंड” (5′ 6″) भारत पंहुचा |

1853:16 अप्रैल को 3:30 बजे ग्रेट इंडियन पेनिनसुला रेलवे की पहली यात्री ट्रेन मुंबई में    बोरी बंदर स्टेशन (वर्तमान दिन CST- Chhatrapati Shivaji Terminus,मुंबई)  थाना के लिए (वर्तमान दिन थाने) को चलाया गया इस ट्रेन ने 57 मिनट में अपनी यात्रा पुरी की|इसने  21 मील(35.8 किलोमीटर) की दूरी तय की| सुल्तान, सिंध और साहिब नाम के तीन इंजनों ने 14 बोगियों में 400 यात्रियों को गंतव्य(Destination) पर पहुंचाया|

1855: लोकप्रिय फेयरी क्वीन स्टीम इंजन(Steam engine) सेवा में आया।

1856-1865: सुरंग रेल निर्माण(Tunnel rail construction) कार्य पूर्ण हुआ | भोर घाट और थूल घाट (वर्तमान कसारा घाट) के चुनौतीपूर्ण निर्माण हुआ। ग्रेट इंडियन पेनिनसुला रेलवे ने पुणे और मुंबई को जोड़ने वाली रेलवे लाइन का निर्माण किया। 28 सुरंगों, और पुराने पुलों के साथ भोर घाट के माध्यम से यह खंड 1863 में खोला गया था। थूल घाट (Thul  Ghat) पश्चिमी घाट भुसावल-कल्याण लाइन में पहाड़ी ढलानों की एक श्रृंखला है।

1807-1832 कलकत्ता को दिल्ली, अमृतसर और मुंबई के साथ जोड़ा गया| मुंबई को मद्रास कोचीन आदि के साथ जोड़ा गया| पूर्व में जमालपुर कार्यशाला (Workshop) और पश्चिम में परेल वर्कशॉप में रोलिंग स्टॉक आदि के रखरखाव के लिए काम शुरू हुआ|

1870: खामगांव पहला स्टेट रेलवे वाला राज्य बना |

1873: पहला मीटर गेज (Meter Gaze) लाइन दिल्ली से फरुखनगर लिए खोला गया। फर्रुखनगर, हरियाणा राज्य के गुड़गांव जिले में नगर पालिका है।

1873: प्रथम नैरो गेज (First narrow gaze) 2’6″ लाइन गायकवाड़ बड़ौदा राज्य रेलवे द्वारा शुरू कर दिया।

1925: पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन (Electric Train) GIPR (ग्रेट इंडियन पेनिनसुला रेलवे) द्वारा शुरू की। रेल वित्त संगठन (Railway finance organization)को मजबूत बनाने के लिए जनरल फाइनेंस से अलग कर दिया गया।

1945: पहली बार डीजल इंजन (Diesel Engine) पूर्व भारतीय रेलवे (East Indian Railway) द्वारा शुरू किया गया।

1947-1951: भारतीय रेल के गठन और क्षेत्रीय रेलों में विभाजन।

1984: कलकत्ता में पहली मेट्रो रेल प्रारम्भ।

1999: पहली पहाड़ी रेलवे (DHR नैरो गेज -2 ‘) दार्जिलिंग को विश्व विरासत स्थल के रूप में यूनेस्को द्वारा प्रमाणित किया गया।

2012: भारतीय रेल ने 25 लाख से अधिक दैनिक यात्रियों (Travelers) को गंतव्य (Destination) पर पहुँचाया।

कोच्चि, केरल, में वल्लारपदम रेलवे लिंक भारत में सबसे लंबा रेल पुल है। 4.62 किलोमीटर लंबा रेल पुल, 8.86 किमी रेल खंड का हिस्सा है जो एडाप्पल्ली( कोच्चि शहर में एक उपनगर) के साथ वल्लारपदम द्वीप को जोड़ता है | यह इंटरनेशनल कंटेनर ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल (आईसीटीटी) को जोड़ने वाले इस कॉरिडोर का हिस्सा है।

2013: भारतीय रेलवे कर्मचारियों की संख्या के हिसाब से 14 लाख से अधिक कर्मचारियों साथ दुनिया का नोवा सबसे बड़ा  वाणिज्यिक या उपयोगिता नियोक्ता है|

छत्रपति शिवाजी टर्मिनस और भारत की पर्वतीय रेल भारतीय रेलवे के  दो स्थान यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों में शामिल है|

2014: पूर्वोत्तर भारत के नई रेल परियोजनाओं के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 28000 करोड़ रुपये केंद्र से मंजूर किये।

अभूतपूर्व इंजीनियरिंग का प्रदर्शन करते हुए, भारतीय रेल ने जम्मू-कश्मीर राज्य के उधमपुर-कटरा ब्रॉड गेज लाइन को पूरा किया।

2015: जापान के सहयोग से भारत सरकार ने अमदाबाद-मुंबई पहली बुलेट ट्रेन (Bullet Train) परियोजना को शुरू  कर दिया

भारतीय रेलवे से संबंधित कुछ रोचक तथ्य:-

गिनीज बुक्स रिकॉर्ड

इंडियन रेलवे (Indian Railway) के नई दिल्ली रेलवे स्टेशन को दुनिया के सबसे बड़े रूट रिले इंटरलॉकिंग सिस्टम के लिए गिनीज बुक्स में जगह मिली है।

पहली बार 1986 में हुआ कम्प्यूटरीकरण (computerized)

जुलाई 1986 में भारतीय रेल मंत्रालय (Ministry of Indian Railways) ने कंप्यूटर पर भारतीय रेलवे की हर जानकारी और गतिविधि के लिए CRIS और ICRS जैसे संस्थानों की स्थापना की गई थी । इसके करह की घटना के बाद रेलबे के कम्प्यूटरीकरण की शुरुआत की गई थी ऑर इसकी तेजी से कम्प्यूटरीकरण को भी बढ़ावा मिला।  

रेलवे का शुभंकर  (mascot)

भारतीय रेलवे का शुभंकर भोलू हाथी है, जिसको रेलवे गार्ड  (Railway guard) के रूप में दिखाया है। यह शुभंकर एक हाथी का कार्टून है, जो अपने हाथ में एक ग्रीन लैंप लिए हुए है। इसको रेलवे के द्वारा 150 साल पूरा होने पर 16 अप्रैल 2002 को बेंगलुरु में प्रदर्शित किया गया था। इसके एक साल बाद रेलवे ने साल 2003 में भोलू को आधिकारिक तौर पर अपना शुभंकर घोषित किया।

सबसे पहली हाई स्पीड ट्रेन (First high speed train)

विदित हो कि वर्ष 2014 में प्रति घंटे 160 किलोमीटर की दर से ट्रेन चलाने के लिए एक सफल परीक्षण हुआ था। इसके कुछ महीनों बाद फिर सेमी हाई स्पीड ट्रेन ‘गतिमान एक्सप्रेस’ का परीक्षण हुआ। इस ट्रेन ने मात्र 90 मिनट में दिल्ली और आगरा के बीच की दूरी पूरी की थी और इस दौरान करीब 30 मिनट की बचत की गई।

सबसे तेज और धीमी चलने वाली ट्रेन (Fastest and slow train)

नई दिल्ली-भोपाल शताब्दी इस समय सबसे तेज चलने वाली शताब्दी ट्रेन है। यह 150 किमी प्रति घंटे के हिसाब से फैजाबाद से आगरा पहुंचती है। इसके अलावा मेतुपलयम-ऊटी नीलगिरी पैसेंजर ट्रेन देश की सबसे धीमी चलने वाली ट्रेन में है। यह 10 किलोमीटर प्रति घंटे के हिसाब से चलती है। भारतीय रेलें दिन भर में जितनी दूरी तय करती हैं, वह धरती से चांद के बीच की दूरी का लगभग साढ़े तीन गुना है।

सबसे बड़े, छोटे नाम वाले स्टेशन

भारतीय रेलवे स्टेशन में सबसे छोटा नाम ओडिशा का इब (IB) रेलवे स्टेशन हैं जो सिर्फ दो शब्दों का है। वहीं सबसे बड़े रेलवे स्टेशन के नाम के रूप में वेंकटनरसिंहराजुवारिपटा (Venkatanarasimharajuvariipeta) रेलवे स्टेशन है। इस नाम में कुल 29 अक्षर हैं।

सबसे पुराना भाप का इंजन (Oldest steam engine)

दुनिया का सबसे पुराने स्टीम इंजन से चलने वाली ट्रेन फेयरी क्वीन नई दिल्ली और राजस्थान के अलवर में चलती है। यह दुनिया का सबसे पुराना भाप वाला इंजन है। इस इंजन का नाम भी ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड’ में शामिल हो चुका है। इसे अन्तराष्ट्रीय स्तर पर हेरिटेज अवार्ड भी मिल चुका है।

दुनिया का सबसे ऊंचा रेल ब्रिज (World’s highest rail bridge)

जम्मू कश्मीर के रियासी जिले में चिनाब नदी पर बना रेलवे ब्रिज (Railway Bridge) यह दुनिया का सबसे ऊंचा रेल ब्रिज है। यह ब्रिज दिल्‍ली के कुतुबमीनार से पांच गुना ऊंचा और फ्रांस के एफिल टावर से भी ऊंचा होगा। 1315 मीटर लंबा यह अंडर कंस्ट्रक्शन ब्रिज चिनाब नदी पर बक्कल और कौरी के बीच बनाया जा रहा है। यह 2016 में बनकर तैयार होगा।

आईआरसीटीसी के हिट्स

भारतीय रेलवे की सहयोगी संस्‍था इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) को एक मिनट में 12 लाख हिट्स मिले थे। वहीं, 1 अप्रैल, 2015 को ऑनलाइन ट्रेन टिकट की बुकिंग के दौरान यह संख्या करीब 13.45 लाख प्रति मिनट के करीब पहुंच गया था।

भारतीय रेलवे के 4 साइट वर्ल्ड हेरिटेज मे

यूनेस्को ने भारतीय रेलवे के 4 साइट को वर्ल्ड हेरिटेज साइट के तौर पर शामिल किया है। यूनेस्को की सूची में दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे को 1999 में, मुंबई सीएसटी बिल्डिंग को 2004 में, नीलगिरि माउंटेन रेलवे को 2005 में और कालका-शिमला रेलवे को 2008 में शामिल किया गया।

111 जगह रुकती ये ट्रेन

हावड़ा-अमृतसर एक्सप्रेस 111 स्टॉपेज पर रुकती है। इसके अलावा दुनिया का सबसे लंबा 1366.33 मीटर का प्लेटफॉर्म गोरखपुर में है। इसके अलावा भारतीय रेलवे दुनिया का 9वां सबसे बड़े नियोक्ता के रूप में भी जाना जाता है।

बिना रुके सबसे लंबी दूरी तक चलने वाली ट्रेन

त्रिवेंद्रम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस बिना रुके सबसे लंबी दूरी तक चलने वाली ट्रेन है। यह ट्रेन 528 किलोमीटर (वडोदरा और कोटा) के बीच का सफर बिना रुके तकरीबन 6.5 घंटे में पूरा करती है।

दो राज्यों में बनी नवापुर रेलवे स्टेशन की बिल्डिंग

भारतीय रेलवे का नवापुर रेलवे स्टेशन दो राज्यों में बना हुआ है। इस रेलवे स्टेशन का पहला आधा हिस्सा महाराष्‍ट्र में है, जबकि दूसरा आधा हिस्सा गुजरात में है।

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